कैसे होते होंगे
कैसे होते हौगे खत वो,जिनको पढते होंगे प्रियतम.. * शिकवै शिकायत होते होगे,या की फिर तारीफै पिय की झूठी-मूठी गारी रूसना,होते होगै न ज्यादा या कम....... * नीली लाली स्याही या तौ,अश्रु नैननि की होती होगी भरि भरिके कलम नैन की मे,हिरदै के भाव एक एक ही दम.... * कागद क्या नैन परस्पर कै, दोनो ही ठौर के होंगे न आखर न होते होगे या ,होते होगे बस भाव परम ...... * खुशबू क्या इत्र की सी से,महका सा खत लेते होंगे या प्रतिक्षा के सौंधेपन से,गीलै सीलै कुछ कुछ से नम...... * उलाहने ताने पढ हसते होगे,या गम्भीर विषय सी चर्चा से मुख मंडल पर छा जाते है,घने काले विरह व्यथा के घन...... * जैसी जो हो कुछ बतलाओ,लिखना एक खत है हमकौ भी "प्यारी" रूचि रस से भर लिख दे,तो पढ लेंगे न मेरे प्रियतम..... * तो पढ लेंगे न मेरे प्रियतम.....