आजु सखी री देहि प्राण आए
बधाई हो
आजु सखी री! देहि प्राण आए।
उन्मादित चहु दिशी पौन बोरि,तपतौ ह्रदय घन आनंद छाए।
पीडा क्लैश नाय कोऊ कौ लेश,दुख: भंजन आय बिरह ताप नसाए।
कछु कहा मौपे अरी बारू जे यापै,लाज सौ मरी खरी नैन झुकाए।
सगरी तिहारी "प्यारी" दासी जनम की,छाडियौ जोई चहै जोई लई जाए।
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