कहा प्राणन

कहा प्राणन तजै पाछै रमण आवौगै।
हार जगत सौ जावेगे चले जब,नेक दीजौ बताय तब कहा पावौगै।
सुन तानै रौ रौ खौवत अँखिया,छबी नैनन ही क्या तब दिखलावौगै।
शूल बिरह हिय बिंधैगी पौर पौरी,तऊ दीजौ तौ बताय कहा पधरावौगै।
पुकार करी मै करी बहुतई अरजी,हौवू मूक कहा तब आय जावौगै।
कौऊ दिना जई रूठ जावैगी "प्यारी" ,कहा तबई रमण पिय पाछै धावौगै।

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