हरि आए संग
हरि आए संग आप हमारै। कहा करू वृंदावन जाई,गंगा जमुना च्यौई नहाई,जु जई संग फिरत अगारै पिछारै। देखू क्यौई चित्रपट इनके,कल्पना कोरी करू क्यू दिनमै,जोई सन्मुख आप बैठे मुस्कारै। लगा काजल इत्र भरू क्यू भेषा,धारी गेरूआ लऊ क्यू वेशा,जई ऐसोई आप लए अपनारै। सोच विचार करू किस कारण,लोक लिहाज करू क्यू धारण,जानू आप भए "प्यारी" के प्यारै