चित्त चेत अबहु ना

चित्त चेत अबहु ना तौ कबहु भजेगौ।
माया माय दुलारि लै अंकनि,फसिकै पुनि पुनि जीवेगौ मरेगौ।
विषधर विष कै काल गाल मै,जाय पाछै बौरे फेर हाथ मलैगौ।
जर्जर काया झर झर जब परिहै,कुढि कुढि दिना येई याद करेगौ।
"प्यारी" वारी जग पाछै कछु कहनौ,निज संवरौ कछु भजन भजेहौ।

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