सैय्या,मौसो रूठन ना खेलौ खेल।भयी जो भयी देओ बात बिसारौ,गैय्या !जानि निजकी जु टेरौ टेर।पीर बढी जाय पल छिन भारी,बैय्या! गहि अंक लगा करौ मेल।बीरा लाई बस अधर भरौ रस,छैय्या!निज तन की ढपौ ढुरि देह।बहोत हुआ चलौ मान तजि दौ,दैय्या!"प्यारी" का सौ यौ सीख्यौ बैर।
सैय्या,मौसो रूठन ना खेलौ खेल।
भयी जो भयी देओ बात बिसारौ,गैय्या !जानि निजकी जु टेरौ टेर।
पीर बढी जाय पल छिन भारी,बैय्या! गहि अंक लगा करौ मेल।
बीरा लाई बस अधर भरौ रस,छैय्या!निज तन की ढपौ ढुरि देह।
बहोत हुआ चलौ मान तजि दौ,दैय्या!"प्यारी" का सौ यौ सीख्यौ बैर।
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