जो ढीठ भये

जो ढीठ भयै तुम ह्यौ कम नाही।
मनमानी अब लौ चली थारी,जोरा-जोरी करि मोय सताई।
झूठै बैननि सैननि सब झूठै,झूठी-साँची बातन लैई फसाई।
अनगिन बारि जोरि कर रोई,देई-देई रोई हु प्रीत दुहाई।
सूधी बातन सुधै संगै चलिहै,टेढै-मेढै संग बनै बात लराई।
सौह-ह्यौ थारी ठाई औरि न मानू,अबलौ जौ लई "प्यारी" लेई बनाई।

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