करत केलि मध्य जल

करत केलि मधै जल दोउ।
झाँकत बदन बसन झीनै तै,उपमेय उपमा कौन कोय होउ।
ओरि प्रिया इक लाल दूसरौ,सखियन सेतू आनंद मधै जोउ।
बाढी तरंग खेलि कछु ऐसौ,लांघि अलिन जाई प्रिया छोउ।
जीतौ प्रिया मलय अंग छुरावौ,हारौ प्रिया पुनि अंग संजोउ।
वीचि भाँत फिरत जल भीतर,डूबत तरत धरत दाँव कोउ।
बाहिर आय पुनि कूदै गहरै,अंग भीतर भीतर पांयन
धोउ।
बद्ध गाढ आलिंगन चर्चित छुरावै,"प्यारी" हारौ जीतौ भली चहै दोउ।

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