गोचारण हित होत त्यार

गौचारण हित होत तैयार।
केसरी पाग पिताम्बर धारै,काली कमली कांधै डार।
विविध भूषण मोतिन कनकादि,श्रृंगी लकुटी इक हाथ।
ड्यौढी राजै करत आरतौ,आजु भेजत माय दुलार।
भीर अहीर बाल बालनकौ,"प्यारी" शौभा ज्यूँ त्यौहार।

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