करमगत होई खराब रे

करमगत होई खराब रे,खबर ना लैवे पिय मेरे।।
जल बिनु मछरी भाँति तडफी,चंदा चकोरी सु ज्यू हु बिछुरी,पूछै ना एक भरतार रे,खबर ना लैवे पिय मेरे।। करमगत....
आवन आवन सुनि बडै दिन तै,आवत दीखै ना पिय कोउ दिश तै,झिझावू रोवू कछु करू काज,खबर ना लैवे पिय मेरे।। करमगत.....
फागन सावन जोवन गए सब,नैननि आस मिलन रही नाय अब,जावै नाय काहै बैरी प्राण रे,खबर ना लैवे पिय मेरे।। करमगत....
ऐसे देश पिय दई भेजी,आप दीखै नाय आली संग मे जी,रोवू खडी इकली ही आज रे,खबर ना लैवे पिय मेरे।। करमगत....
साँची बात कहो म्हारै गिरधर,थामौ बाँह प्रीत धारौ मोहर,"प्यारी" कह्यौ धीरज ना धार-नै,खबर ना लैवे पिय मेरे।। करमगत.....

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