सतावौ ना राधारमण हमकौ।

सतावौ ना राधारमण हमकौ।
जईयौ ना दूरि मौरे नैनन तै,रुलावौ ना छुप ऐसौ हमकौ।
कराकै विदा अब लै चालौ संग,लागै जुग सौ दूरि अब पल-कौ।
बना निज दासी राखौ चरण,बसा लौ हमे वृंदावन कौ।
दुरावौ ना अरजी मोरि परिहास मे,साँची "प्यारी" प्यासी दरशन कौ।

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