उम्र ढलती ही गयी सांझ सवेरोंमें
उम्र ढलती ही गयी सांझ सवेरौ मे????
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रात भर रात ढलने की आरजू मे ढली
दिन मे फिर रात की चाहत मचली....
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उम्र ढलती ही गयी सांझ सवेरौ मे????
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गर्म श्वासो से कभी धूँ धूँ जली
कभी ठंडी सी रेत सर्द भली
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उम्र ढलती ही गयी सांझ सवेरौ मे????
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बे-हिसाब कुछ ख्वाहिशो की कली
ख्वामख्वाह कुछ नाजनीन छली
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उम्र ढलती ही गयी सांझ सवेरौ मे????
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थी दफा उत्स मे भी मचली
कभी तूफां मे भी न सहली
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उम्र ढलती ही गयी सांझ सवेरौ मे????
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तराशी फिर किसी हाथ पडी
इक नई मानौ तस्वीर गढी
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उम्र ढलती ही गयी सांझ सवेरौ मे????
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फिर गयी बात आई चली
वही फिर फिर से थी खलबली
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उम्र ढलती ही गयी सांझ सवेरौ मे????
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काश!ऐसा मुकाम आए अभी
"प्यारी" ठहरी सी हो ताल कभी
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उम्र ढल जाए हसीं रैन बसैरो मे????
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उम्र ढल जाए उन्ही रैन बसैरो मे।
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उम्र ढलती ही गयी सांझ सवेरौ मे????
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उम्र ढलती ही गयी सांझ सवेरौ मे????
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