नैन अंध

नैन अंध

मौ नैन अंध निरखी ना जोरि।
ज्यो हरित अंध चहु ओर दीखत,हरौ हरौ।
अरू स्वर्ण अंध सबै कछु दैखिहै,स्वर्ण प्यारौ।
त्यौ अधम अंध मम सबन देखत,अधमताई भरौ।
सुनि प्यारी अधम कौऊ जगत नाहि,तौ सो औगुण भरौ।

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