सोई स्वामी स्वामिनी मौरै।
सोई स्वामी स्वामिनी मौरै।
काम ना दूजौ केलि काम सौ जिनकौ,तऊ आवत काम नाहि धौरे।
रस सरबस जिन वपु रस धारै,रस भीजत रहै परै कौरे।
जोई झीनै बसन भूषण बिन पहरौई,रहै बिहरै निभृत रस बौरे।
सखिन सहेली कै नैन प्राण सबई, दासी " प्यारी" के प्राण सोई हौरे।
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