अठ वासर रमणा चरावति गैय्या।

अठ वासर रमणा चरावति गैय्या।  
राजै श्रृंगी लकुटी मुरली जूडौ,पग धोति पटकौ नुपुर पैय्या।
साज समाज सखा संग चलिहै,लागै संग मलूकै दाऊ भैय्या।
चलै प्रथम आजहु चरावन प्यारै,बाढै पायन बढिहै उर हरषैय्या।
देखन गोप गोपिन बँधा ताँता,"प्यारी" दैखे अद्भुत लैत बलैय्या।

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