दधि माखन लूट
दधि माखन लूट
चले सखा संग लूटन दधि माखन।
छिपिहै एकौ छकडा पाछै,गयी गोपी जल लेवन देखी।
टोली सखा लै घुसिहै घर माँ,बानर पंछी सबही घुसैती।
सखा उपर सखा चढाये,सबै उपरि आपही चढती।
उतार मटुकी सखा कर दीन्है,भर भर हाथ माखन खवाती।
आनंद रस बह चला गोपिन घर,लपट झपट सबै माखन खावती।
प्यारी देखि जगपति गोपि घर,झूठा सखिन माखन खावती।
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