आवन सुनिहौ

आवन सुनिहौ
आवन सुनिहौ कदहु पिय कौ,दिनु काट्यौ नाहि कटिहौ सखी।
कहि आवन भूलतौ पिय,प्यारी कैसौ बिसराई सखी।
खैलन खैल आवतौ जावतौ,प्रीत निभावन संग रहस्यौ कदी।
नैन दरस बिनु ठौर न पावौ,हसि हैरौ पिय प्यारी अजी।
जीवतौ रहवू कैसौ दरस बिनु,आवौ दरस दिखावौ हरि।
लूनी छाडी जग भरमास्यु,कर पकरि संग चाल्यौ पी।
एकौ आस पिय तुमसौ राखू,जग आस तोडी जौडी तुम्ही।

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