लाल लली

लाल लली निरख मुस्काए।
पडी अरूण छाप कपोलन पै,पुनि पिय गये ललचाए।
चिबुक ढिठौना अधरन पै,लली देख अतिही लजाए।
रैन भरै रंग मे बिलसै,पिय तबहु नाय अघाए।
"प्यारी" पए खिलौने प्रेम के,बहु भाँति सौ लाड लडाए।

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