मैरो राधारमण

मैरो राधारमण मै रमण की होई।
चूल्है पडै जग सारे रिश्ते नाते,नाता इनसे मैरो ओर ना कोई।
चूनर लाज को बह गई जमुना,लडै नैना मौरे रमणा से ज्योई।
लागै आछी लागै कोउ कौ ना आछी,कही बात साँची बींद मैरो तो वोई।
जग वाले सुनि लैवे धरिकै श्रृवणा,कहू बारि बारि "प्यारी" सरबस योई।

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