मिले नाय ठौर
मिलै नाय ठौर
कहु मिले नाही ठौर,श्याम बिनु।
करत आस हारी हो गिरधर,आवन सुनिहौ ना।
कहत बात मनवा की प्यारै,तुव काहे सुनिहौ ना।
कौन हमारौ तुव बिनु प्यारौ,कौन सो कहवै जा।
छिपिहौ कहा नंद नंदन मेरौ,काहै नैन अगै आवौ ना।
बिनती सुनौ पिय प्राण हमारौ,आवन सुनिहौ आ।
प्यारी रोवत तुवही पुकारै,आय मिलौ साँवरौ आ।
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