मणि मंडित नुपुर

मणि मण्डित नुपुर राजति पद।
सप्त स्वर धुनि सरगम सगरी,बाजै इन्हीं चरणनि एक झनक।
वेद श्रुति स्तुति जापहु मंत्रो,जोगी जपी सुनिहै इन्हीं रमक।
शेष झलक जाकी बरणत नाय,सोई कैसो"प्यारी"कहत शबद।

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