रट राधा
रट राधा
रट राधा नाम हौ रसना।
गावत रसिली नाम जो,कटिहै सबहि बाधा।
निष्काम प्रीत होहिहै,मिलिहै प्रेम अगाधा।
भजै जो श्यामा नाम कौ,सब साधन सध जाय।
एक लली कौ कृपा तै,सबहु कृपा मिल जाय।
भजत स्वामिनी नामहु,डौले पाछै कुँवर कन्हाई।
लाडली जु के नाम तै,बडौ बडौ ने सुधि बनाई।
रटै न राधे नाम जौ,वा सम निर्धन कौन।
जीबन मरन विरथ वाकौ,जगत होहिहै बौन।
रै मन आठौ याम गा,प्यारी जु कौ नाम।
टेरत नाम पाहिहै,निज चरणन बिश्राम।
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