लाड लडावै

लाड लडावै लली तरू लगै कुसुमनि।
छूवै मुस्कावै देखै प्यार सौ,कर फैरे प्यारी फूल भरी टहनी।
देखत तितलिका श्याम पीत बरणी,पूछी बात भेजे पिय कहा कहनी।
लईकै पिय मौरे संगई आना,नातौ नाही बोलू तोसौ बात अपनी।
निकसै ओट पिय लता तरूतै,निकसै कहै लेओ लई आई सजनी।
हाँसी लजाकै लिपटी यौ पियतै,"प्यारी" भई मौन नाही सब बरनी।

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