हिय कटारी ले
हिय कटारी ले
हिय कटारी लै चीर दउ,कर लैउ मै अपघात।
बिनु पिय काय श्वास लैहु,काय मोद बिचारू बात।
धीर धरै काय मनवा बैठा,काय होय न पीर भारी।
बिरह पीर मौरी कहा गमायी,काय हिय ना रह्यौ दुखारी।
कौन काज मन अधमन मौरे,होय पिय बिनु नाय उदास।
शीतल होय काय मनवा बैठा,कहाँ गयौ प्रेम कौ प्यास।
जाय कूदयौ जमुना जु जाय,रौक्यू आवन जावन श्वास।
प्यारी अज आवैगै अज आवैगै,कदै टूट्यौ ना जावै आस।
Comments
Post a Comment