करि दई पराई

करि दई पराई।
पल ना लगाई दूजै कर देवन,लागी लगन तुराई।
नैन हटा लए काहै लगै मौते,धावै नैन चुराई।
जनम बहौत की आजु दई तोरि,आस तैने-ना पुराई।
"प्यारी" जाए अब कौन ठौर ओर,जावै थारी ठुकराई।

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