आग लगे बैरन फागुन में

आग लगै बैरन फागुन में।
_______________________

बैरी निगौरा आवै हर बारि , आय जावै पी बिनु आंगन में।
.
आग लगावै मोय उरहु जरावै , रैन बिताउ रोय जागन में।
.
"प्यारी" आस मिलै कदिहु तौ मौ , कदि गिनि जावै बड-भागन में।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया