स्नान लीला
स्नान लीला
माखन लौना लेत भगी पाछै,मौहना दौरि दौरि जावै।
नह्वतौ जलै ताता करि राखि,नाहवनौ बचनौ चाह्वै।
लालच दैहि लौना माखन,नाहि बात सुनत भगि जाहै।
कहत जशौदा लालहु सुनिहै,नह्वातौ जय जय कराहै।
भौरो मुखै कछु सौचि कहिहै,माई जय जय जु काय करावै।
लाल सुनिहै जय जय करै,मैरौ लाल बल बड्यौ पाहवै।
कहिहै भौरि मातु जा लाला,जौई मौहन जय जय सिखावै।
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