कलि आधार

कलि आधार
एकौ हरि नाम कलि आधार।
हरे हरे रटत दुख सबै मेटत,पावत सब सिद्धि काल।
रटन नाम कैवलम हरि ही,काटत भव फंद सबहि चाल।
सबहि साधन सधै जपै नाम,जै कह प्रतिज्ञा हरि प्यारौ नाम।
काटत जग बिषय विषैलौ विषधर,हरि नाम औषधि बिनु ना काम।
दासी आधार प्रिय प्यारौ नाम हि,हियहि बनावौ करि सब धाम।
नाम रटन मेटत सबै झंझट,प्यारी भज प्यारौ हरि कौ नाम।

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