फूलन झूले दोऊ

फूलन झूले दोऊ फूल झूलै।
पुलकित दल पल्लव तरू देखि,सुमनि भए कंदबन के फूलै।
चटकनि चहकि चटक रंग देखि,देखि नवहु दुल्हिन नव दूल्है।
सहजई उतरै बैठे पुनि सहजा, सहजई देवे पौन झूल झूलै।
नैननि हटिहै-ना रस सुधा मुखतै,"प्यारी" रहै योई सब सुध भूलै।

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