अखियन बात थारी
अखियन बाट थारी जोहती रही।
जा दिनु गए कह आवन की तुम,वा दिन सौ इन्हु ना म्हारी सुनी।
जई चहै रौवे जे जई चहै चुपहौ,जई चहै टकै एकटक बँवरी सी।
रौवै जई देखि लैवे रंग कारौ,आपहु रौवे रूला दैवे जिवरौ भी।
या-सौ भली हती संगहु लै जाते,"प्यारी" दैखे ना तुम्ह तौ कछु दैखनो नहीं।
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