दोऊ कहत लाज मोहि आनी
दोउ कहत लाज मोहि आनि।
लिपटै सहज दोउ अतिही प्रेम यौ,दोउ कहत बनै नाहि बाणि।
छिटकै केश प्यारी पिय उर बिथुरै,रहि खिलि अधरन मुस्कानि।
सिमटी सकुची लली लाल शिशु जैसो,लाल गाढ ओरि लिपटानि।
"प्यारी" सेज प्रेम रस केलि दरस कौ,पाय उरहु ओरि ललचानि।
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