प्रेम पंथ नाय सहज
प्रेम पंथ नाय सहज जानिए।
जानिए दुई धारी तलवार,बिरह मिलन या की दुई धार।
जानिए गली अति सांकरी,जा मै एकौ प्रीतम रहार।
मै तौ नाय हम नाय होवै,हुई जावै रहि जावे सबन तौहार।
एकौ प्रीतम सुखै सब कछु होय,नाय रहवै आपन सुख अधिकार।
बिरह अगन अति शीतल लागै,प्रेम जगत को उल्टी धार।
प्यारी समुझ बिसराय इहा आवौ,प्रेम परीक्छा लेय अपार।
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