सुरतिया प्यारी बलिहारी

सुरतिया प्यारी बलिहारी।
मन-मोहक रूप सलौनो,चितवनि तापै चित्तहारी।
अति-अद्भुद अधर मुस्कातै,बतिया ओरि रसवारी।
काछनि कटि किंकणिया,नुपुर-पद रूनझुन वारी।
सुन्दरताई परै सिंवा सोई,बरणी जाय नाय "प्यारी"।

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