पिय अंक परि

पिय अंक परि आलिंगित गाढि।
बेसुध से दिखै रस श्रम सौ,तऊ ओरि पीवन की लालसा बाढि।
प्यारी नैन धरै पिय के कपोलन,पिय अधर धरे परै कपोलन पै लाली।
सरक पुनि प्यारी अधर लौ आए,पुनि चले पीवन अधर रस प्याली।
पुनि पीवै छकै थकै पुनिही,"प्यारी" दरशन हित युगल सौ आडी।

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