मोरे नैनन किवारी खुली ही रही
मौरे नैनन किवारी खुली ही परी,तुम्हु आए ना रमणा जु।
इन्हु अँसुवन धोये पखार लयी,बहा दई कजरा तुम आवन कु।
जई तुम्हु आए ना मौरे पिया,आवै याद तौरि ह्यौ सतावन हु।
जोई-जोई आवै याद त्यौ प्राण जरै,टेरू रौवती तौहे गिरिकै भू।
काहै मूंद कान कितहु बैठ्यै,नाही बखत मिलै ज्यौ मिलनौ सु।
कोउ ओर दीखै नाही "प्यारी" अपणौ,सुनि अनसुनि करो तऊ टेर लऊ।
Comments
Post a Comment