शरण दीजिये

शरण दीजिए
हा! लली शरण मोहि दिजिए।
जग विष सम हटाय मनवा,रति चरणन कर लिजिए।
करील फल चाख्यौ छूटाय,स्वाद प्रेम रस दिजिए।
हसतो जग संग छुडाय स्वामिनी,रोवन तुव संग दीजिए।
लाड लडावनौ करिहु तुमकू,जग नेहा हरी लिजिए।
मांगू सेबा पसारिहै अंचरा,लली टहल महल को दीजिए।
हे करूमयी किरपा करिहौ,चरण शरण प्यारी कीजिए।

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