ओ छलिया जानो न हम बौरी
ओ छलिया! जानौ ना हम भोरी।
मानत गाम की ठेठ गुजरिया,तऊ जानू सब तोरी।
सम नवनीत बात आए तेरी,सोई होई लोगन ओरी।
ठाडा लट्ठ म्हारा खाए गए भूलै,जोई परियौ इस होरी।
देख्यू कद लौ केसौ छुपै मौसो,देख्यू छुपावै कौ- री।
दीन अस्हाय जानौ ना अस,बलि"प्यारी" बल तोरि।
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