बरसत सुख नेहा कुंजन मे।

बरसत सुख नेहा कुंजन मे।
हसित मिलित अडितई बरसै,बरसै रीझ रीझ अंकन मे।
भीजत रसिक रंगीलै दोऊ,भीजत संग सखिन अंतर मे।
बरसै खिलै कुमुद कुमुदनि,बहत सुवास सरस संतन मे।
"प्यारी" भीजत हँसत हैरे,हेरै बिसार सबई कौ ईन-मे।

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