अबहु समय मोय लियो बुलाय

अबहु समै मौहे लिजौ बुलाय।
जग फसिकै पाछे निकर ना पाहू,जग सौ अबहु मौहे लिजौ बचाय।
थारी ठुकराई मरि ना मै जावू,हौवे हसी थारी नामहु लजाय।
जनम विरथ अबिकै भी नाय जावै,भाँति पहलोई तौहे देवू ना भुलाय।
"प्यारी" भीति उर अति होयी रहवै,जावै प्राण जाय रमण ना जाय।

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