प्रियाजु अब कीजो

प्रिया जु ! अब कीजौ मेरो उद्धार ।
निज चरणन दै आश्रय मोहे , मेटो मन मलिन अंधियार ।
प्राणप्यारें संग बिराजो हिय में ,करिकै प्रेम पुंज उजियार ।
निरखत रहूँ नित्य युगल जोड़ी , कीजै मोहन संग विहार ।
मोपै कृपा करिकै श्रीराधे , कीजै  प्रेम रस माधुर्य संचार ।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया