जमुना तीरे

जमुना तीरे
जमुना तीरे कंदमन छैय्या,बैठै नव युगल किशोर।
दै गलबाहै ढुरै परस्पर,उठ आयी दिशि पूरब भौर।
अलस भरै दुई नैन अधखुलै,दीखे प्रीती नाय दीखे कछु ओर।
उरझै वस्त्र भूषण दोउन के,देखे एक दूजै नैनन कौ कौर।
बलिहारी ऐसौ अलस रूप पै,बलिहारी जाउ कर जोर।

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