युगल रस
युगल रस
केलि किलोल करत दुई प्यारौ।
लाजहु पटा गिरिहौ सबहि,आजु रसिलौ न्यारौ।
रस देवन होर लगिही,सरबस दीन्है वारौ।
लता सौ लिपटी बिहारिन प्यारी,लपटायौ तमाल सौ प्यारौ।
मोतिन पुष्पन हार टूटिहै,केली काम टूटिहौ सारौ।
भरत अंक दुई एक भए हौ,प्यारी झाकत कुंजन द्वारौ।
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