सियाराम गठबंधन

सियाराम गठबंधन
नेह कौ बंधन बंध गयौ जौरी।
दिवस पुनीत गठजोड जुगल कौ,करावै सखिया मिल री।
सिय राम दुई विवाह करत हौ,देखत सबै नगरी।
नेह कौ भूषण बसन नेह कौ,नेहा को होवै सब री।
पद पूजत प्राण प्यारौ जौरी कौ,मैय्या बाबा सबही।
चहु दिसी मानौ फूलत फूलै,झुक झुक आवै बदरी।
रबि नभ अति झीनौ निकरौ,जौरी तेज सौ हौयो नीकौ री।
दासी प्यारी बीरी देत हौ,देत जौरी कौ मुख ही।

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