आवै नाही निंदिया नैनन द्वारे
आवै नाही निंदिया नैनन द्वारै।
याद सतावै मारै हूक जिवरौ,दीखै नाही जबहु सुरतिया प्यारै।
उठवू बैठू फिरू इत्त उत्तही,फिरू थामी बहतौ नैनन धारै।
खावन पीवन सुधि बिसरा दई,पीहू पीहू पपिहा सा मनवा पुकारै।
सुनि एकहु नाही "प्यारी" अरजी,कहौ पिय अबहु का सौ गुहारै।
Comments
Post a Comment