चरणन दीजो वास

चरणन दीजौ वास
श्यामा हौ चरणन दीजौ वास।
प्रीती जुडावौ चरणन सो प्यारी,दासी करिहै जे ही आस।
नैन बहवतौ कदै रूकिहै नाहि,रहवै हिय दरस कौ प्यास।
रीत प्रीत सिखावन वारी,ऐकौ आप जे बिस्वास।
टहल महल को दीजियो राधे,राखिहौ चरणन पास।
दासी प्यारी तौहरी होय रहवे,अावै तौरी चाकरी रास।

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