पिय अबके ल्यो
पिय अबिकै लेऔ चहै जितनी नचाय।
श्वास श्वास चहै देऔ बिष पीरा,बिनु नाम श्वास नाय दीजौ कढाय।
डारि देऔ चहै जग ठौकर ठुकराय ह्यौ ,नाय लीजौ जु नैनन तै गिराय।
करनी भरनी जौई अबिकै नसै,जग ओरि पुनि दीजौ ना मुडाय।
"प्यारी" अरज सुनि आवौ बेगि लै जावन,पिय रमण ना आवौ मोय हित समुझाय।
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