कहियो म्हारी पूनो आवे कदसि
कहियौ म्हारी पूनौ आवै कदसि।
गहन रैन कारी बीतै ना बिताए,बिरहा रैन पाछै गई लगसि।
मम चंदा मुख बदली ना हटिहै,देखिहै बिनु पल भए जुगसि।
कहत सुनत हार धीर दी गमाए,तौडिहौ तो मौन पिय अबसि।
कहा "प्यारी" पिय बिनु योई मरिहै,मरिहै ज्यौ मीन बिनु जलसि।
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