लली लजावनी लागै प्यारी

लली लजावनी लागै प्यारी।
लटक गरदनि पै पिय संग,झुकन बरौनि पे हया वारी।
तऊ चोर सौ पलक ठायकै,मारे लाल उर दृगन कटारी।
लाल रसीलै बैन सुनि कै,लाली कनक मुख लाल हुआ-री।
"प्यारी" छबी रस एक-एक पै,रसिक लाल सखियन सब हारी।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया