जगावनी

जगावनी
जगिहौ हौ ब्रजराज साँवरौ।
अईहौ सूरज गहिहौ चंदा,उठि जइहौ हौ ब्रजराज साँवरौ।
खौलिहौ नैन अलस भरै दुई,हसि हैरौ हौ ब्रजराज साँवरौ।
सुवसित जलै मुखहु धुहिहौ,बीरीहु लईहिहौ ब्रजराज साँवरौ।
बसन भूषण सुंदर धरिहौ,अलका सुलझइहौ ब्रजराज साँवरौ।
दधिहु माखन नव चाखिहौ,करिहौ कलेवा ब्रजराज साँवरौ।
दैहिहौ दरस प्यारी कौ दैहिहौ,हियहि अइहौ ब्रजराज साँवरौ

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