श्रीराधा रस की खानी
श्री राधा रस की खानि।
लाल कुंवर जिन लखै अघै नाय , रहै पायन पखारै दृग पानी।
जिन लखत अलिन रस प्यासै नित,लखै याचक लाल लली दानी।
रस-राज रसिक रस-शिखर भए , इन धुरि जु राधिका रानी।
रस उमगि देख नाय कहत बनै। , भई जड रसना पिय बानी।
नाय कहत अति कही मंद मति ,"प्यारी" कही जोई लाल कहानी।
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